एक और बाघिन की हुई संदिग्ध मौत 10 दिन में लगातार तीसरी मौत

राज्य

सुरेन्द्र त्रिपाठी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
एक और बाघिन की हुई संदिग्ध मौत 10 दिन में लगातार तीसरी मौत
उमरिया 30 अगस्त – जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 दिनों में लगातार तीसरी बाघिन की मौत ने वन्य जीव प्रेमियों को हिला दिया है। एक सप्ताह के अंदर ही धमोखर रेंज मे दो बाघिन की मौत होना और उसके दूसरे दिन ही बफर जोन के दमना बीट अंतर्गत राजस्व क्षेत्र में जंगल में बने कुंए में 14 वर्ष की मादा बाघिन का शव पाया जाना कहीं न कहीं पार्क प्रबंधन की घोर लापरवाही दर्शाता है। लोगों ने अंदेशा व्यक्त किया कि बाघिन का शिकार कर कुंए में शव को फेंका गया है। इस विषय मे वन्य जीव विशेषज्ञ वन्दना द्विवेदी का कहना है कि टाइगर रिजर्व में टाइगर कंजर्वेशन फोर्स होने के बाद आये दिन बाघों के शव मिलना वह भी सड़ा गला हुआ साफ दर्शा रहा है कि फोर्स अपना काम नही कर रही है और न ही पार्क का अमला अपनी डियुटी को ईमानदारी से निभा रहा है, यदि सही ढंग से गश्ती दल अपना काम करता तो किसी भी बाघ या बाघिन का शव सड़ा गला हुआ नही मिलता। इतना ही पूर्व के अधिकारियों के समय मे गाइड और जिप्सी चालको के साथ ग्रामीण भी बराबर कोई भी घटना की सूचना तत्काल देते थे, लेकिन अब की स्थिति में कोई भी पार्क प्रबंधन का सहयोग करने को तैयार नही है जिससे जाहिर होता है कि प्रबंधन का रवैया लोगों और अपने कर्मचारियों के प्रति सहयोग पूर्ण नही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जबसे क्षेत्र संचालक का प्रभार विन्सेंट रहीम लिए हैं तब से कोई भी बाघ, बाघिन या शावक की मौत होती है तो इनका एक ही जबाब मिलता है कि टेरिटोरियल फाइट में मौत हुई है, वहीं जानकारों का कहना है कि बाघ कभी भी बाघिन पर हमला नही करता है और न ही फीमेल शावक को मारता है। इस मामले में जब पार्क के सी एफ, डिप्टी डायरेक्टर, मानपुर रेंजर से बात करने का प्रयास किया गया तो किसी ने फोन नही उठाया, वहीं जब मानपुर एस डी ओ फारेस्ट श्रद्धा पन्द्रे से से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि लगभग 14 वर्ष की बाघिन का शव मानपुर रेंज के दमना बीट अंतर्गत राजस्व क्षेत्र में बने सरकारी कुंए में शव मिला है, जिस कुंए में शव मिला है वहां कोई भी कृषि भूमि नही है, साथ ही जब पूंछा गया कि बाघिन के शव को कहीं से लाकर फेंका गया है तो बताईं कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना संभव नही है, शव का पोस्टमार्टम करवा कर सी एफ साहब की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करवा दिया गया है, डॉक्टर साहब ने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही दिया है, आज जन्माष्टमी का मेला होने के कारण पूरा अमला वहां व्यस्त रहा, दो चार दिन में जैसे ही कुछ पता चलेगा आपको जानकारी दी जाएगी।
गौरतलब है कि आज तक जितने भी बाघों की मौत हुई है किसी का खुलासा नहीं हुआ है, आवश्यकता है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब तक हुई बाघों के मौत की उच्च स्तरीय जांच करवा कर जिम्मेदारों पर उचित कार्यवाई होनी चाहिए, जबकि यह भी सच है कि बाघों की संख्या तो बढ़ी है लेकिन उसके साथ पार्क के क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है, लेकिन जितनी टेरिटोरियल फाइट 2 वर्षों के बीच हुई है इतनी कभी नही हुई है, यह भी जांच का विषय है कि इतनी टेरिटोरियल फाइट क्यों हुई या फिर प्रबंधन द्वारा अपनी कमियों को छिपाने के लिए हर बाघ की मौत को टेरिटोरियल फाइट बता कर मामले में लीपापोती किया जाता है।
मृत बाघिन कुंए में

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